लखनऊ/ गुरुवार, २२ जुलाई/ यूपी : सीएम योगी की चेतावनी- नौकरियां बेचने वालों के मंसूबे नहीं होंगे कामयाब

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उतर प्रदेश में हो रही सरकारी नौकरियों की चयन प्रक्रिया को शुचिता, पारदर्शिता और ईमानदारी का मानक बताया है। यहां नौकरियों को बेचने वालों के मंसूबे कतई कामयाब नहीं होंगे। उन्होंने कहा कि साढ़े चार साल पहले एक समय वह भी था कि जब इन नौकरियों पर सरकार के सानिध्य में पलने वाले माफिया और अपराधी प्रवृति के लोगों के कब्जे होते थे। होनहार युवा प्रदेश में नौकरी नहीं पाता था। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ बुधवार को लोकभवन में 130 आबकारी निरीक्षकों को नियुक्त पत्र देने के बाद मौजूद लोगों को संबोधित कर रहे थे। 

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मुख्यमंत्री नेक हा कि बीते साढ़े चार वर्ष में साढ़े चार लाख सरकारी पदों पर युवाओं का चयन हुआ है। इतने ही युवा संविदा सेवा पर नियुक्त हैं। सीएम ने कहा कि उतर प्रदेश में सरकारी नौकरी पाने का एक मात्र मानक मेरिट ही है। नवनियुक्त आबकारी निरीक्षकों को शासकीय सेवा शुरू करने की बधाई देते हुए उन्होंने कहा कि किसी भी अभ्यर्थी को चयन प्रक्रिया के किसी भी स्तर पर किसी से सिफारिश की जरूरत नहीं पड़ी। शासन भी आपसे सेवाकाल में ऐसी ही ईमानदारी की अपेक्षा रखता है। आपको सेवाकाल में मिलने वाला वेतन-भते जनता की टैक्स से आता है। ऐसे में जनता के प्रति जवाबदेही बनाए रखें। हम सेवक हैं, मालिक जनता ही है। मुख्यमंत्री ने नवचयनित 130 आबकारी निरीक्षकों में सभी वर्ग-समुदाय की भागीदारी पर खुशी जाहिर की, साथ ही बेटियों के चयन पर प्रसन्नता जताई। 

यूपी में बंद हो गए वसूली के अड्डे
योगी आदित्यनाथ ने पिछली सरकारों के समय नियुक्तियों ने अनियमितता और कोर्ट के अपरिहार्य हस्तक्षेप का जिक्र करते हुए साढ़े चार वर्ष पहले तक उतर प्रदेश लोक सेवा आयोग रहा हो, अधीनस्थ सेवा चयन आयोग रहा हो अथवा उच्चतर और माध्यमिक शिक्षा चयन आयोग रहा हो। सब जगह वसूली के ठेके चलते थे। पुलिस भर्ती पर कोर्ट को रोक लगानी पड़ी थी। कहीं क्षेत्र, कहीं भाई-भतीजावाद, परिवारवाद तो कहीं जातिवाद हावी था। इससे प्रतिभावान युवा पलायन को मजबूर थे। लेकिन इन चार-सवा चार साल में सब विघ्न-बाधाओं को दूर किया गया है। सभी आयोगों/बोर्डों को पारदर्शिता और ईमानदारी की नीति के लिए स्पष्ट निर्देश दिए गए। 

दिसंबर तक 50 हजार और युवाओं को देंगे नियुक्ति पत्र
 मुख्यमंत्री ने कहा कि 2002 से 2017 तक प्रदेश में जितनी नौकरियां नहीं दी गईं, उतनी बीते साढ़ेे चार साल में दी गईं। अब दिसंबर तक 50 हजार और युवाओं को नियुक्ति पत्र मिलेगा। सीएम ने बताया कि इन चार-सवा चार वर्षों में निजी औद्योगिक निवेश खूब हुआ। इससे 1.61 करोड़ युवाओं को निजी क्षेत्र में नौकरी मिली तो 60 लाख युवाओं को स्वत: रोजगार से जोड़ा गया। सीएम ने कहा कि जिसे अपनी संपति जब्त करवानी होगी, वही उतर प्रदेश में गड़बड़ी करने के बारे में सोच सकेगा। आए दिन किसी न किसी मुद्दे को लेकर विरोध प्रदर्शन करने वालों को सीएम ने कहा कि विरोध युक्ति संगत हो-युक्तियुक्त हो तो कोई जवाब भी दे। युवाओं को चाहिए कि वह खुद की मेहनत पर भरोसा करे और वसूली गैंग के बहकावे में न आए। 

साढ़े चार साल पहले लूट का अड्डा था आबकारी विभाग: अग्निहोत्री
आबकारी मंत्री राम नरेश अग्निहोत्री ने नियुक्तियों में शुचिता और पारदर्शिता के लिए मुख्यमंत्री की ईमानदार कोशिशों को श्रेय दिया। उन्होंने कहा कि साढ़े चार साल पहले यही आबकारी विभाग भ्रष्टाचार और लूट-खसोट का अड्डा हुआ करता था। सरकारी खजाना खाली था। आज मुख्यमंत्री के निर्देशन में ऐतिहासिक राजस्व संग्रह हुआ है। ऑस्ट्रेलिया के सांसद क्रेग कैली के ट्वीट का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि सीएम योगी की ईमानदार नीतियों को विदेशी सांसद भी सराह रहे हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश के कर राजस्व में आबकारी विभाग का दूसरा स्थान है। यह सरकार की पारदर्शी व निष्पक्ष नीति के कारण संभव हुआ है। 

देश में शीरा व अल्कोकहल के उत्पापदन में भी उतर प्रदेश प्रथम स्थान रखता है। भारत सरकार की कच्चे पेट्रोलियम पदाथों पर निर्भरता कम करने और किसानों को गन्ना मूल्य के भुगतान की व्यवस्था सुदृढ़ करने के लिए पेट्रोल में एथनाल मिलाने में  महत्व्पूर्ण योगदान कर रहा है। एथनाल की आपूर्ति करने वाले प्रदेशों में यूपी पहले स्थान पर है। पूरे भारत की आपूर्ति का लगभग 34 प्रतिशत की आपूर्ति उतर प्रदेश से हो रही है। प्रदेश में 97 इकाईयों को अल्कोहलयुक्त  सैनिटाइजर उत्पादन की अनुमति दी गई है। कोविड-19 महामारी की रोकथाम के लिए सैनिटाइजर का रिकार्ड उत्पादन कराया गया है।


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