लखनऊ/ गुरुवार, २२ जुलाई/ यूपी कैबिनेट के फैसले : हर ग्राम पंचायत में बनेंगे ग्राम सचिवालय, जनसंख्या नीति को मंजूरी

प्रदेश में हर ग्राम पंचायत में ग्राम सचिवालय (पंचायत कार्यालय भवन) बनाया जाएगा और प्रत्येक ग्राम पंचायत में एक पंचायत सहायक कम सहायक अकाउंटेंट  की भर्ती की जाएगी। इससे करीब 58,189 हजार से अधिक लोगों को रोजगार मिलेगा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में बुधवार को आयोजित कैबिनेट की बैठक में यह निर्णय लिया गया। इन पर होने वाले व्यय को वित्त आयोग, मनरेगा, ग्राम निधि एवं योजनाओं के प्रशासनिक मद में व्यय किया जाएगा।

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प्रदेश सरकार के प्रवक्ता सिद्धार्थनाथ सिंह ने बताया कि प्रदेश में 58,189 ग्राम पंचायतें हैं। लेकिन प्रदेश में अभी तक ग्राम पंचायतें अपना कार्यालय स्थापित कर इसे व्यवस्थित रूप से चलाने में असमर्थ रही हैं। उन्होंने बताया कि 33,577 ग्राम पंचायतों में पंचायत भवन पूर्व से निर्मित हैं तथा 24,617 पंचायत घर निर्माणाधीन हैं। इन पंचायत भवनों में आवश्यकतानुसार मरम्मत व विस्तार की कार्यवाही की जा रही है।

उन्होंने बताया कि एक ग्रामीण सचिवालय (पंचायत कार्यालय) को सुसज्जित करने के लिए लभगग 1.75 लाख रुपये की मंजूर किए जाएंगे। पंचायत कार्यालय में जनसेवा केन्द्र की स्थापना की जायेगी। बीसी सखी के लिए जगह उपलब्ध करायी जाएगी।

पंचायत कार्यालय में विभिन्न योजनाओं,स्रोतों से प्राप्त होने वाली धनराशि का विवरण, जारी  आदेश, बीपीएल परिवारों की सूची, विभिन्न योजनाओं के पात्र लाभार्थियों की सूची, जन्म-मृत्यु पंजीकरण प्रपत्र, ग्राम पंचायत के आय-व्यय से संबंधित पुस्तिका भी उपलब्ध होगी।

उन्होंने बताया कि इसी प्रकार 58,189 ग्राम पंचायतों करीब 16,000 ग्राम पंचायत अधिकारी व ग्राम्य विकास अधिकारी के पद सृजित हैं इनके सापेक्ष लगभग 10,000 कर्मचारी कार्यरत हैं। उन्होंने बताया कि पंचायत के कामकाज को व्यवस्थित करने और ग्रामीण जनता की मदद के लिए हर ग्राम पंचायत में एक पंचायत सहायक कम सहायक एकाउंटेंट की मानदेय पर भर्ती की जाएगी।

उन्हें प्रतिमाह छह हजार रुपये मानदेय दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि मंत्रिपरिषद ने ग्राम पंचायतों में ग्रामीण सचिवालय की स्थापना के लिए जारी शासनादेश में कोई भी परिवर्तन मुख्यमंत्री  की अनुमोदन से करने का भी प्रस्ताव पारित किया है।
योगी कैबिनेट ने इलाहाबाद उच्च न्यायालय परिसर में मल्टीलेवल पार्किंग एवं एडवोकेट चैंबर्स के निर्माण के लिए द्वितीय पुनरीक्षित लागत 640.37 करोड़ रुपये की लागत को स्वीकृति प्रदान की है। अब हाईकोर्ट परिसर में वकीलों के लिए 2500 चेंबर बनाए जाएंगे।

विधि एवं न्याय मंत्री ब्रजेश पाठक ने बताया कि जून 2019 में इलाहाबाद हाईकोर्ट में वकीलों के चैंबर्स और मल्टीलेवल पार्किंग के लिए 530.07 करोड़ रुपये जारी किए गए थे। इसमें करीब 1400 चेंबर बनने थे। उन्होंने बताया कि वकीलों ने चेंबर्स की संख्या बढ़ाने की मांग की थी। वकीलों की मांग पर चेंबर्स की संख्या को बढ़ाकर 2500 तक किया जा रहा है।

उन्होंने बताया कि न्यायाधीशों के चेंबर्स भी बनाए जाएंगे। उन्होंने बताया कि मंत्रिपरिषद ने प्रश्नगत परियोजना में किसी भी प्रकार के परिवर्तन, संशोधन होने पर निर्णय लेने  मुख्यमंत्री को अधिकृत करने का प्रस्ताव भी मंजूर किया है। उन्होंने बताया कि मल्टीलेवल पार्किंग एवं एडवोकेट चैंबर्स के निर्माण कार्य की लागत 50 करोड़ रुपये से अधिक होने के कारण लोक निर्माण विभाग को कार्यदायी संस्था नामित किया गया है। प्रायोजना का कार्य ईपीसी मोड पर कराया जाना है। 
आजमगढ़ राज्य विश्वविद्यालय के लिए तहसील सदर के असपालपुर व आजमबांद में 20 हेक्टेयर पशुचर भूमि आवंटित की जाएगी। इसके बदले मोहब्बतपुर, महलिया और दौलतपुर में 2019 में आवंटित 21 हेक्टेयर जमीन पशुचर के लिए आवंटित की जाएगी। योगी कैबिनेट की बुधवार को आयोजित बैठक में भूमि को पशुचर की श्रेणी में परिवर्तित करते हुए विनिमय का प्रस्ताव अनुमोदित किया गया।

प्रदेश सरकार के प्रवक्ता सिद्धार्थनाथ सिंह ने बताया कि मंत्रिपरिषद ने राज्य विश्वविद्यालय आजमगढ़ की स्थापना के लिए तहसील सदर के ग्राम असपालपुर में खाता संख्या-385 व आजमबांध में खाता संख्या-231 पर दर्ज कुल 20 हेक्टेयर पशुचर की भूमि की श्रेणी परिवर्तित कर उसे नि:शुल्क उच्च शिक्षा विभाग के नाम आवंटित करने का प्रस्ताव पारित किया है।

इस भूमि के बदले में राज्य विश्वविद्यालय, आजमगढ़ की स्थापना के लिए ग्राम मोहब्बतपुर व महलिया तथा दौलतपुर में आवंटित की गयी 21.0637 हेक्टेयर भूमि को को पशुचर की श्रेणी में परिवर्तित करते हुए विनिमय के प्रस्ताव को अनुमोदित किया है। उन्होंने बताया कि इस विश्वविद्यालय की स्थापना होने से आजमगढ़ एवं आस-पास के  जिलों  छात्र-छात्राओं को बेहतर उच्च शिक्षा प्रदान की जा सकेगी। 
सहायता प्राप्त संस्कृत माध्यमिक विद्यालयों और राजकीय संस्कृत विद्यालयों में शैक्षिक सत्र 2021-22 एवं 2022-23  में (ग्रीष्मावकाश की अवधि को छोड़कर) या नियमित चयनित शिक्षक के आने तक  (जो भी पहले हो) अस्थायी रूप से मानदेय पर शिक्षकों भर्ती की जाएगी। शिक्षक भर्ती के लिए प्रत्येक जिले में सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालय के प्रबंधक की अध्यक्षता में एक चयन समिति का गठन किया जाएगा।  योगी कैबिनेट की बुधवार को आयोजित बैठक में इसका प्रस्ताव मंजूर किया गया।

प्रदेश सरकार के प्रवक्ता सिद्धार्थनाथ सिंह ने बताया कि संस्कृत विद्यालयों में शिक्षकों की कमी को दूर करने एवं पठन.पाठन की सुचारु व्यवस्था के लिए मानदेय पर संस्कृत शिक्षक नियुक्त करने का निर्णय लिया गया है। उन्होंने बताया कि चयन समिति में संबंधित जिलाधिकारी की ओर से नामित अधिकारी,  जिला विद्यालय निरीक्षक, संबंधित  मंडल के उप निरीक्षक संस्कृत पाठशालाएं तथा सम्पूर्णानन्द संस्कृत विश्वविद्यालय वाराणसी की ओर से नामित 2 विशेषज्ञ शामिल होंगे।

विश्वविद्यालय की ओर से नामित विशेषज्ञों द्वारा परम्परागत विषय के अभ्यर्थियों का साक्षात्कार संस्कृत भाषा में ही लिया जाएगा। चयन के लिए शैक्षिक पृृष्ठभूमि से 120 अंक एवं साक्षात्कार से 80 अंक प्रदान किए जाएंगे। 

उन्होंने बताया कि पूर्व मध्यमा स्तर के शिक्षण कार्य 12,000 रुपये प्रतिमाह तथा उत्तर मध्यमा स्तर के शिक्षण कार्य पर 15,000 रुपये प्रतिमाह मानदेय दिया जाएगा। चयन में राज्य सरकार की विद्यमान आरक्षण नीति के अनुरूप नियमानुसार आरक्षण देेने का भी प्रावधान किया है।
कैबिनेट ने अयोध्या-अकबरपुर-बसखारी मार्ग के प्रस्तावित गोसाईगंज बाजार बाईपास के निर्माण के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। इसकी कुल लंबाई 5.50 किमी है। व्यय वित समिति ने इस परियोजना की लागत 114.96 करोड़ रुपये अनुमोदित की है।
 
अयोध्या-अकबरपुर-बसखारी मार्ग का 4 लेन में चौड़ीकरण किया जा रहा है। इस मार्ग पर स्थित अयोध्या के गोसाईगंज बाजार की घनी आबादी और कैरिज-वे की चौड़ाई कम होने के कारण अक्सर जाम की समस्या का सामना करना पड़ता है। 

प्रस्तावित बाईपास बहराइच-अयोध्या-अकबरपुर मार्ग के चैनेज 148.850 से निकलकर गोसाईगंज भीटी मार्ग  होते हुए पुन: बहराइच-अयोध्या-आजमगढ़ मार्ग के चैनेज 153.800 पर मिलेगा। इस मार्ग के बन जाने से बहराइच-अयोध्या-आजमगढ़ मार्ग के स्वीकृत 4 लेन मार्ग से गुजरने वाले भारी वाहन प्रस्तावित बाईपास से होकर जाएंगे। इससे अयोध्या से आजमगढ़, मऊ, वाराणसी और बलिया आदि स्थानों को जाने वाले भारी वाहनों को जाम की समस्या से मुक्ति मिलेगी।

अयोध्या में एबी बंधा मार्ग होगा 10 मीटर चौड़ा
कैबिनेट ने अयोध्या-बिल्लहरघाट मार्ग (एबी बंधा मार्ग) को दो लेन विद पेव्ड शोल्डर  यानी 10 मीटर चौड़ा करने के लिए पीसीयू मानक में शिथिलीकरण के प्रस्ताव को अनुमोदित कर दिया है।अयोध्या में मंदिर निर्माण को देखते हुए एबी बंधा मार्ग अत्यंत महत्वपूर्ण है। यह मार्ग पौराणिक स्थान सहित अनेक तीर्थ स्थल को जोड़ता है। सामान्य दिनों में भी अयोध्या में नागरिकों का आवागमन बराबर बना रहता है। इस मार्ग के बन जाने से निर्माणाधीन थीम पार्क, अंतर्राज्यीय बस स्टैंड, प्रस्तावित 251 मीटर ऊंची भगवान श्रीराम की मूर्ति, प्रस्तावित नव्य अयोध्या व प्रस्तावित होटलों के लिए भी यह महत्वपूर्ण मार्ग होगा। 
प्रदेश कैबिनेट ने बुधवार को उप्र सहकारी ग्राम विकास बैंक के लिए 800 करोड़ रुपये की गारंटी की स्वीकृति दे दी। यह गारंटी नाबार्ड से लिए जाने वाले ऋण के लिए दी गई है। 01 जुलाई 2021 से 30 जून 2022 तक के लिए यह गारंटी दी गई है। इसमें निबंधक सहकारी समितियां 400 करोड़ रुपये की सीमा तक ऋण या अन्य प्रकार के पुनर्वित आहरण की स्वीकृत दे सकें।  

शासन के प्रवक्ता के अनुसार उप्र सहकारी ग्राम विकास बैंक किसानों को दीर्घकालीन ऋण देकर उनकी सामाजिक व आर्थिक उन्नति में योगदान करता है। ऋण केा लिए  बैंक के पास स्वयं के निजी संसाधन पर्याप्त न होने नाबार्ड से धनराशि लेने के लिए शासन की गारंटी दी जाती है। सरकार के गारंटी लेने से बैंक को नाबार्ड से पुनर्वित रिफाइनेंस मिलेगा। जिससे बैंक किसानों को दीर्घकालीन कृषि व अन्य कार्यों के ऋण दे सकेगा। इस ऋण से किसानों की आर्थिक दशा में सुधार होगा और कृषि उत्पादकता में वृद्धि होगी। खासतौर से प्रदेश केा लघु व सीमांत किसानों को सीधा लाभ होगा।
 
मुख्यमंत्री की घोषणा में शामिल कौशाम्बी पर्यटन स्थल को प्रयागराज मुख्यालय (वाया एयरपोर्ट) से 4 लेन सड़क से जोड़ने के लिए व्यय-वित समिति की अनुमोदित लागत 808.94 करोड़ रुपये के व्यय के प्रस्ताव को कैबिनेट ने स्वीकृति दे दी है। इस मार्ग की कुल लंबाई 42.06 किमी है।

कौशाम्बी के पर्यटन स्थल में बौद्ध व जैन धर्म के अनुयायियों को आवागमन बहुतायत में होता है। यहां सारनाथ, लुम्बिनी, गया, कुशीनगर, श्रावस्ती, पटना और कम्बोडिया व  श्रीलंका आदि से आने वाले पर्यटक बस, रेल या वायुयान से प्रयागराज होकर जाते हैं। वर्तमान में प्रयागराज सिविल एयरपोर्ट और प्रयागराज रेलवे जंक्शन से जोड़ने वाला न्यूनतम दूरी का मार्ग 2 लेन है। प्रयागराज एयरपोर्ट से 4 लेन मार्ग से जोड़े जाने से पर्यटकों को सुगम एवं सुरक्षित यातायात की सुविधा मिलेगी।
कैबिनेट ने मथुरा में कोसी-नंदगांव-बरसाना-गोवर्धन-सौंख-मथुरा और मथुरा राया (यमुना एक्सप्रेस-वे मार्ग) तक मार्ग  के 2 लेन विद पेव्ड शोल्डर के साथ चौड़ीकरण की लागत 294.89 करोड़ रुपये की लागत को मंजूरी दे दी है। इस सड़क की लंबाई 82.775 किमी है। 

इस नगरी के आसपास अन्य प्राचीन स्थल वृंदावन, गोकुल, गोवर्धन, बरसाना आदि स्थान हैं, जहां पर भगवान श्रीकृष्ण ने अपनी लीलाएं दिखाईं। इस मार्ग का निर्माण हो जाने से देश-विदेश से आने वाले करोड़ों तीर्थयात्रियों को सुविधा होगी। 


पर्यटक थाने के लिए चार एकड़ जमीन दी जाएगी निशुल्क
मथुरा में आने वाले पर्यटकों वह तीर्थयात्रियों की सुरक्षा और पर्यटन को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से स्थापित होने वाले पर्यटक थाने के निर्माण के लिए नगर विकास विभाग की चार एकड़ जमीन गृह विभाग को निशुल्क दी जाएगी। इससे संबंधित प्रस्ताव को कैबिनेट ने मंजूरी दे दी है। इस जमीन पर मुख्य थाना का भवन और पुलिसकर्मियों के लिए आवास बनाए जाएंगे ।                                  

बता दें कि मथुरा पुलिस प्रशासन ने वर्ष 2018 में ही यहां पर पर्यटक थाने की स्थापना का प्रस्ताव शासन को भेजा था। जिसे सदन ने भी मंजूरी दे दी थी, लेकिन जमीन की व्यवस्था न हो पाने की वजह से थाने का निर्माण नहीं हो पा रहा था। सरकार के इस फैसले से थाने के निर्माण में आड़े आ रही जमीन की दिक्कत दूर हो गई है। जल्द ही थाने का निर्माण कार्य शुरू किया जाएगा। इसके लिए सीएंडएस को कार्यदायी संस्था नामित किया गया है।
कैबिनेट ने लखीमपुर से दुधवा राष्ट्रीय पार्क तक राज्य राजमार्ग) को पेव्ड शोल्डर के साथ 2 लेन करने के लिए लागत 265.44 करोड़ रुपये के प्रस्ताव को स्वीकृति दे दी है। प्रस्तावित परियोजना में लखीमपुर-बिहुआ-भीरा-पलिया-दुधवा-गौरीफंटा (राज्य मार्ग संख्या-90) के चैनेज 0.00 से 55.920, चैनेज 57.00 से 64.00 तक और सिसैया-धौरहरा-निघासन-पलिया-धनौराघाट-पूरनपुर मार्ग (राज्य मार्ग संख्या-101) के चैनेज 82.65 से 83.38 तक का भाग आता है। इस मार्ग के निर्माण से  पर्यटकों की संख्या में वृद्धि होगी। पूरे क्षेत्र का सर्वांगीण विकास होगा। 
अन्त्योदय कार्ड धारकों को आयुष्मान योजना का लाभ मिलेगा। इन्हें मुख्यमंत्री जन आरोग्य योजना में शामिल किया जाएगा। इससे प्रदेश के करीब 40 लाख परिवारों को फायदा मिलेगा। अन्त्योदय कार्डधारक परिवारों को आयुष्मान  का लाभ देने के लिए कैबिनेट में प्रस्ताव भेजा गया था। जो अन्तोदय कार्ड धारक अभी तक  प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना अथवा मुख्यमंत्री जन आरोग्य योजना में से किसी भी योजना में शामिल नहीं हैं उन्हें अब  मुख्यमंत्री जन आरोग्य योजना में शामिल कर लिया जाएगा। 

इसके लिए आवंटित बजट से अधिक सम्भावित व्यय होने की स्थिति में अनुपूरक मांग पत्र के माध्यम से अतिरिक्त बजट आवंटित किया जाए। मंत्रिपरिषद ने भविष्य में इस योजना में किसी भी प्रकार के परिवर्तन/परिवर्धन की आवश्यकता होने पर, इसके लिए मुख्यमंत्री को अधिकृत किया है। 

आयुष्मान भारत-प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना’ एवं ‘मुख्यमंत्री जन आरोग्य योजना’ समाज के वंचित एवं गरीब परिवारों को स्वास्थ्य सुरक्षा देने के उद्देश्य से संचालित की जा रही हैं, जिसमें चिन्हित परिवारों को योजनान्तर्गत आबद्ध निजी एवं राजकीय चिकित्सालयों में प्रति परिवार प्रतिवर्ष पांच लाख रुपए तक की नि:शुल्क चिकित्सा उपचार की सुविधा प्राविधानित है।
उप्र आयुर्विज्ञान विश्वविद्यालय, सैफई, इटावा के अन्तर्गत बनने वाले 500 बेडे के सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल का संशोधित बजट मंजूर कर दिया गया है। निर्माण कार्यों की पुनरीक्षित प्रायोजना के लिए 48988.61 लाख रुपए के व्यय सहित सम्पूर्ण प्रायोजना को स्वीकृति कर ली गई है। यह स्वीकृति बुधवार को हुई मंत्रिपरिषद की बैठक में लिया गया।

हॉस्पिटल के पुनरीक्षित प्रायोजना में टेराकोटा क्लेडिंग, वुडेन फ्लोरिंग, ग्रेनाइट, विनायल फ्लोरिंग वाल पैनलिंग, ग्लास पैस फिटिंग, जीआई मेटल सीलिंग, मिनरल फाइबर एकास्टिकल सस्पेन्डेड सीलिंग, 12 एम0एम0 थिक टफेण्ड ग्लास, नान माड्यूल फ्लाईएश लाइम ब्रिक्स, बेड हेड पैनल, एल0ई0डी0 सर्कुलर सिलिड्रिकल सरफेस माउण्टेड डाउन लाइट-1000 एल0एम0 आदि कार्य कराए जाएंगे। 
मालूम हो कि यहां वर्ष 2014 में 500 बेडेड सुपर स्पेशियलिटी हास्पिटल की स्थापना का निर्णय लिया गया। इस प्रायोजना की मूल लागत 33356.43 लाख रुपये थी। इस परियोजना का प्रथम पुनरीक्षण वर्ष 2016 में हुआ था, जिसमें इसकी लागत बढ़कर 46328.29 लाख रुपये हो गयी। फिर वर्ष 2018 में प्रयोजना की लागत 53726.45 लाख रुपये संशोधित की गयी।

संशोधित लागत काफी अधिक थी, जिसके कम में प्रायोजना को जनोपयोगी बनाये जाने के लिए  25 मार्च .2019 को एक समिति का गठन किया गया। समिति द्वारा दी गयी संस्तुतियों के आधार पर प्रायोजना का पुन: परीक्षण किया गया, जिसके आधार पर प्रायोजना की लागत 53726.45 लाख रुपये से घटकर 48988.61 लाख रुपये हो गयी है, जिसे मंत्रिपरिषद द्वारा अनुमोदित कर दिया गया है। यहां सुपर स्पेशियलिटी चिकित्सा सुविधा प्राप्त हो सकेगी। इसके अतिरिक्त विश्वविद्यालय स्तर पर सुपर स्पेशियलिटी के अन्य पाठ्यक्रम प्रारम्भ किए जा सकेंगे।
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प्रदेश में लागू की गई जनसंख्या नीति 2021 को बुधवार को कैबिनेट ने मंजूरी दे दी है। नई नीति के जरिये वर्ष 2026 तक महिलाओं द्वारा सूचित व स्वनिर्णय के माध्यम से सकल प्रजनन दर 2.1 और वर्ष 2030 तक इसे 1.9 पर लाए जाने का लक्ष्य तय किया गया है। 

मालूम हो कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 11 जुलाई को जनसंख्या नीति जारी किया था। इसमें  प्रजनन दर पर नियंत्रण करने, मातृ शिशु मृत्यु दर कम करने, बुजुर्गों की देखभाल सहित कई प्रावधान किए गए हैं। जनसंख्या नीति 2021 में सभी समुदायों में जनसंख्या स्थिरीकरण के लिए जरूरत पड़ने पर कानून बनाने की बात भी कही गई है। जनसंख्या स्थिरीकरण का लक्ष्य प्राप्त करने, नवजात की मृत्यु कम करने के साथ पोषण स्थिति में सुधार करना, किशोर-किशोरियों के लिए यौन और प्रजनन स्वास्थ्य तथा पोषण से सम्बंधित सूचनाओं और सेवाओं में सुधार का भी प्रावधान किया गया है।
 

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