कानपुर नगर/ गुरुवार, १२ मई/ सरकार के जाते ही उड़ा व्यवस्था का फ्यूज

इटावा। दो दिवसीय दौैरे पर आए प्रदेश सरकार के राज्यमंत्री के जिले से जाते ही जिला अस्पताल की व्यवस्थाओं का फ्यूज उड़ गया। जब तक मंत्री जिले में रहे सभी डॉक्टर ओपीडी में समय पर बैठे, जांचें भी हुईं और जरूरी दवाएं भी मरीजों को मिलीं। गुरुवार से फिर लापरवाही बरती जाने लगी।

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राज्यमंत्री स्वतंत्र प्रभार कपिल देव अग्रवाल नौ और दस मई को जिले में रहे थे। वह विकास कार्यों और जन सुविधाओं का जायजा लेने आए थे। मंत्री जी जब तक जिले में रहे तब तक सभी विभागों के अधिकारी से लेकर कर्मचारी तक ड्यूटी पर मुस्तैद दिखे। जिला अस्पताल में भी दो दिन व्यवस्था ठीक रही। अस्पताल के निरीक्षण में मंत्री को कोई शिकायत भी नहीं मिली।
गुरुवार को 868 मरीजों ने ओपीडी में पर्चे बनवाए। ज्यादातर मरीज सुबह आठ से नौ के बीच पहुंच गए लेकिन डॉक्टर अपने कक्षों से घंटों लापता रहे। पुरुषों वाला दवा वितरण काउंटर भी बंद रहा। बंद होने का कोई नोटिस भी नहीं लगाया गया था। एक ही काउंटर खुलने से मरीजों को काफी परेशानी हुई।
सीन 1: कक्ष नंबर 50 फिजिशियन डॉ. गौरव यादव के कक्ष पर ताला लटका था। कक्ष के बाहर बैठे फिरोजाबाद के टूंडला निवासी नेपाल सिंह डॉक्टर का इंतजार कर रहे थे। फ्रेंडस कालोनी में सिक्योरिटी गार्ड की ड्यूटी करने वाले नेपाल ने बताया तीन-चार दिन से खांसी आ रही है। डाक्टर गौरव का काफी नाम सुना था इसलिए उन्हें दिखाने के लिए आए हैं। डॉक्टर साहब हैं नहीं, कुछ लोग बता रहे हैं कि वह छुट्टी पर हैं।
सीन 2: कक्ष नंबर 51 फिजीशियन डॉ. अजय शर्मा की कुर्सी 9:30 बजे तक खाली थी। बाहर बैठे औरैया जिले के अछल्दा क्षेत्र के खलरा गांव निवासी राम सेवक ने बताया कि दो सप्ताह से पेट में जलन की शिकायत है। भूख भी नहीं लगती। शरीर में दर्द रहता है। पर्चा बनवाते समय कक्ष संख्या 51 में दिखाने के लिए कहा था, लेकिन यहां एक घंटे से कोई डॉक्टर नहीं है।
सीन 3: प्रथम तल पर दोनों बाल रोग चिकित्सक, नाक, कान व गला चिकित्सक, चर्म एवं गुप्त रोग विशेषज्ञ, सर्जन, दोनों दंत रोग चिकित्सकों के कक्ष हैं। 9:45 बजे तक इन डॉक्टरों की कुर्सियां खाली थीं और मरीज बाहर बैठे थे। करीब 9:50 बजे नाक, कान व गले के चिकित्सक जेपी चौधरी अपने कक्ष में पहुंचे।
इमरजेंसी से मरीज को भेजा ओपीडी
शादीलाल धर्मशाला निवासी ओम प्रकाश की पत्नी सुषमा को सांस फूलने और एलर्जी की शिकायत थी। ओम प्रकाश छोटे भाई रवीकांत के साथ उन्हें लेकर करीब आठ बजे इमरजेंसी पहुंचे। वहां पर्चा भी बनवा लिया। इसके बाद उन्हें इमरजेंसी से ओपीडी में कक्ष संख्या 51 में भेज दिया गया।
दंत रोग चिकित्सकों की खाली कुर्सियां। संवाद
दंत रोग चिकित्सकों की खाली कुर्सियां। संवाद - फोटो : ETAWAH
बेंच पर लेटी सांस रोगी महिला सुषमा। संवाद
बेंच पर लेटी सांस रोगी महिला सुषमा। संवाद - फोटो : ETAWAH


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