प्रयागराज/ शुक्रवार, २२ अक्‍तूबर/ प्रयागराज : 14 महीने बाद गंगा पुल के लिए सेना ने दी रेलवे को जमीन

झूंसी से दारागंज के बीच बनाए जा रहे रेलवे पुल के लिए आखिरकार सेना ने रेलवे को परेड मैदान में जमीन देने का निर्णय ले लिया है। इस संबंध में रेल विकास निगम लिमिटेड (आरवीएनएल) के अफसरों को सेना की ओर से बताया गया है कि पुल निर्माण के लिए उन्हें जल्द ही जमीन दे दी जाएगी। फिलहाल जमीन मिलने के बाद आरवीएनएल को उम्मीद है कि इस पुल का निर्माण अब वह तेजी से कर सकेगा। 

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दरअसल पूर्वोत्तर रेलवे द्वारा मंडुवाडीह से प्रयागराज जंक्शन तक रेल लाइन का दोहरीकरण किया जा रहा है। इस प्रोजेक्ट के तहत झूंसी से दारागंज के बीच पुराने रेल पुल के समानांतर एक नया पुल तैयार होगा। दारागंज की ओर आवासीय निर्माण में कोई असर न पड़े इसके लिए आरवीएनएल द्वारा पुराने पुल से नए पुल की दूरी 120 मीटर दूर रखी गई है, जबकि झूंसी साइड में दोनों पुल के बीच की दूरी 55 मीटर है।

दारागंज साइड में परेड ग्राउंड से होते हुए इस पुल को रामबाग रेल लाइन से मिलाया जाना है। चूंकि परेड की जमीन रक्षा विभाग की है। इस वजह से रेलवे द्वारा 14 माह से यहां जमीन लेने के लिए प्रयास किया जा रहा है। इस संबंध में जिला प्रशासन, रक्षा विभाग और रेलवे अफसरों की पूर्व में बैठक में तय हुआ था कि परेड ग्राउंड में ली जाने वाली भूमि के बदले रेलवे रक्षा विभाग को जमीन उपलब्ध करवाएगा। लेकिन जमीन मिलने में लगातार विलंब हो रहा था। 
डिप्टी सीएम ने रक्षा मंत्री तक पहुंचाया था मामला
सेना द्वारा जमीन दिए जाने की जा रही लेट लतीफी को देखते हुए रेलवे अफसरों ने डिप्टी सीएम के सामने अपनी बात रखी। इसके बाद  डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य ने रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह तक यह बात पहुंचाई। फिलहाल अब सेना ने आरवीएनएल से कह दिया है कि उन्हें परेड साइड में जमीन दे दी जाएगी। बताया जा रहा है कि आरवीएनएल को परेड में 18 एकड़ जमीन मुहैया करवाई जाएगी। आरवीएनएल के प्रोजेक्ट डायरेक्टर विनय अग्रवाल ने बताया कि अगले दो वर्ष में इस पुल को तैयार करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। सेना द्वारा जमीन दिए जाने के बाद पुल निर्माण में तेजी आएगी।

1.92 किलोमीटर लंबे पुल का आरवीएनएल कर रहा है निर्माण
1.92 किलोमीटर लंबे इस पुल का निर्माण आरवीएनएल द्वारा किया जा रहा है। इसके लिए आरवीएनएल द्वारा यहां कुल 25 पिलर बनाए जाएंगे।  पिलर बनाने का काम पिछले वर्ष लगे माघ मेले के पूर्व ही शुरू कर दिया गया था। वर्तमान समय वहां झूंसी की ओर 11 पिलर बनाए जा रहे हैं। 

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