लखनऊ/ शुक्रवार, २२ अक्‍तूबर/ कोरोना अपडेट: यूपी में संक्रमण के अब सिर्फ 85 मामले सक्रिय, 12 करोड़ 32 लाख वैक्सीन के डोज दिए गए

उत्तर प्रदेश में कोविड पर प्रभावी नियंत्रण बना हुआ है। 24 करोड़ की आबादी वाले प्रदेश में आज मात्र 85 कोरोना एक्टिव केस हैं। 44 जनपदों में एक भी एक्टिव केस नहीं है। विगत 24 घंटे में हुई 01 लाख 78 हजार 229 सैम्पल की टेस्टिंग में 03 जिलों में मात्र 03 नए संक्रमित मरीज पाए गए, जबकि 23 मरीज स्वस्थ होकर डिस्चार्ज हुए।

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वर्तमान में प्रदेश में एक्टिव कोविड केस की संख्या 85 रह गई है, जबकि 16 लाख 87 हजार 85 प्रदेशवासी कोरोना संक्रमण से मुक्त होकर स्वस्थ हो चुके हैं। कोविड प्रोटोकॉल के अनुपालन के लिए लोगों को जागरूक किया जाए। ये बातें मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने टीम 9 के साथ चर्चा में कहीं।

प्रदेश में अब तक 12 करोड़ 32 लाख से अधिक कोविड वैक्सीन डोज लगाए जा चुके हैं। 09 करोड़ 48 लाख लोगों को पहली डोज मिल चुकी है, जबकि 02 करोड़ 83 लाख से अधिक लोगों ने टीके की दोनों डोज प्राप्त कर ली है। इस प्रकार, 19.26 फीसदी से अधिक लोग पूरी तरह टीकाकवर प्राप्त कर चुके हैं। 64.35 फीसदी से लोगों ने कम से कम एक डोज लगवा ली है। वैक्सीन की उपलब्धता बनाए रखने के लिए भारत सरकार से सतत संवाद-संपर्क बनाए रखें।

जनपद अलीगढ़, अमरोहा, औरैया, बदायूं, बागपत, बलिया, बलरामपुर, बाराबंकी, बस्ती, बहराइच, बिजनौर, चित्रकूट, देवरिया, एटा, इटावा, फर्रुखाबाद, फतेहपुर, फिरोजाबाद, गोंडा, हमीरपुर, हरदोई, हाथरस, झांसी, कानपुर नगर, कानपुर देहात, कासगंज, कौशाम्बी, कुशीनगर, लखीमपुर-खीरी, ललितपुर, महराजगंज, महोबा, मैनपुरी, मीरजापुर, मुरादाबाद, प्रतापगढ़, रायबरेली, सीतापुर, रामपुर, संतकबीरनगर, शामली, श्रावस्ती, सोनभद्र और उन्नाव में कोविड का एक भी मरीज शेष नहीं है। यह जनपद आज कोविड संक्रमण से मुक्त हैं।
मुख्यमंत्री योगी ने निर्देश दिया है कि डेंगू, कॉलरा, मलेरिया आदि की समस्या से पीड़ित लोगों के समुचित उपचार की व्यवस्था बनाए रखी जाए। सभी प्रभावित जनपदों में विशेषज्ञ चिकित्सकों की टीम भेजी जाए। अस्वस्थ लोगों के उपचार के लिए सभी अस्पतालों में प्रबंध किए गए हैं। सर्विलांस को बेहतर करते हुए हर एक मरीज के स्वास्थ्य की सतत निगरानी की जाए। बचाव के लिए व्यापक स्वच्छता, सैनिटाइज़ेशन और फॉगिंग का कार्य सतत जारी रखें।

राज्य सरकार कर्मचारियों के हित संरक्षण के लिए संकल्पित है। इस दिशा में अनेक प्रयास किये गए हैं। हाल के दिनों में कर्मचारी संगठनों, आशा कार्यकत्रियों, बेसिक शिक्षा विभाग से संबंधित प्रकरणों को लेकर कुछ समूहों द्वारा मांग-प्रदर्शन किया जा रहा है। राज्य सरकार सभी की भावनाओं का पूरा सम्मान करती है। ऐसे में अलग-अलग संगठनों से वार्ता के लिए पृथक-पृथक उच्चस्तरीय कमेटियां गठित कर संवाद किया जाए।

बाढ़ व अतिवृष्टि से प्रभावित कृषि फसलों का आंकलन कर सभी किसान भाइयों को मुआवजा दिया जाए। अब तक 2.35 लाख किसानों को ₹77 करोड़ की क्षतिपूर्ति की गई है। विगत एक सप्ताह में बारिश के चलते कुछ क्षेत्रों में धान की फसल पर बुरा असर पड़ा है। ऐसे में क्षति का पुनरआकलन कराया जाना जरूरी है। प्रदेश का एक भी किसान, जिसकी फसल बाढ़/अतिवृष्टि से खराब हुई हो, उनकी क्षतिपूर्ति जरूर की जाए। यह कार्य पूरी संवेदनशीलता और तत्परता के साथ किया जाए।

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