गोरखपुर/ गुरुवार, २५ नवंबर/ यूपी पुलिस भर्ती परीक्षा में धांधली का मामला: बिजली कर्मी, लेखपाल और अकाउंटेंट निकले सॉल्वर गैंग के गुर्गे, ऐसे खुला राज

गोरखपुर में पकड़े गए सॉल्वर गैंग के गुर्गों में से एक संतोष यादव बिजली निगम में कर्मचारी है। वह ऑनलाइन सेंटर में पार्टनर भी है। आकाश उर्फ अंकित श्रीवास्तव गीडा में लेखपाल है। आकाश भी ऑनलाइन सेंटर चलाता था। तभी से परीक्षाओं में धांधली कराता रहा है। वहीं, सॉल्वर का काम करने वाला अभिनाश यादव प्रयागराज में एजी आफिस में अकाउंटेंट है। विनय यादव और सोनीपत का नीरज लाकड़ा प्रतियोगी परीक्षा देने वाले अभ्यर्थियों को खोजकर सेटिंग कराते हैं और बदले में कमीशन लेते हैं। प्रभारी निरीक्षक सत्य प्रकाश सिंह ने बताया कि पूछताछ में आरोपियों ने अपना अपराध स्वीकार किया है।  

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जानकारी के अनुसार, ओम ऑनलाइन सेंटर रूस्तमपुर से मंगलवार को भी गिरफ्तारी हुई थी। एसटीएफ के मुताबिक बुधवार को गिरफ्तार संतोष कुमार यादव ऑनलाइन सेंटर का पार्टनर है। इसका नाम लिखित रूप से सेंटर में नहीं है, क्योंकि यह बिजली विभाग में 132 केबी गीडा में टीजी टू-2550 के पद पर नियुक्त है।

वहीं, आकाश उर्फ अंकित श्रीवास्तव ने बताया कि वह कई वर्षों से भर्ती परीक्षा में धांधली कराता रहा है। इससे पहले आकाश ने अपनी मां के नाम पर अनीता ऑनलाइन सेंटर खोला था, जो बंद हो गया। जब सेंटर चलता था, तब भी यह भर्ती परीक्षा में धांधली कराता था। आकाश ऑनलाइन परीक्षा कराने वाले कई सेंटर संचालकों के संपर्क में है। अलग-अलग प्रतियोगी परीक्षाओं के प्रवेशपत्र भी बरामद हुए हैं। कुछ अभ्यर्थियों की सेटिंग सेंटर संचालकों से कर चुका है। मूल दस्तावेज व हस्ताक्षर युक्त जो चेक बरामद हुए हैं, वह धांधली के लिए अभ्यर्थियों से जमा कराए गए हैं। एसटीएफ के मुताबिक अभिनाश यादव ने बताया कि उसे आकाश ने सॉल्वर के तौर पर बुलाया था। नीरज लाकड़ा ने बताया कि वह एसएससी में सिपाही भर्ती के लिए सेटिंग करने आया था। एसटीएफ गोरखपुर इकाई के प्रभारी निरीक्षक सत्य प्रकाश सिंह ने बताया कि पुलिस भर्ती की ऑनलाइन परीक्षा को निष्पक्ष व पारदर्शी तरीके से कराने की जिम्मेदारी मिली है। इसी लिहाज से सूचना जुटाई जा रही थी। तभी पता चला कि एक व्यक्ति ऑनलाइन परीक्षाओं में सेटिंग कराता है। वह विष्णुपुरम भेडियागढ़ मोहल्ले में कुछ अभ्यर्थियों की सेटिंग कराने आ रहा है। सूचना पर एसटीएफ की टीम ने छापा मारा और बिजली निगम के कर्मी संतोष कुमार यादव को दबोच लिया। पूछताछ में संतोष ने बताया कि विष्णुपुरम भेडियागढ़ के मकान नंबर 812 एफ की पहली मंजिल पर सॉल्वर गैंग के कुछ गुर्गे मौजूद हैं। इसके बाद टीम मौके पर पहुंची और पहली मंजिल पर पहुंचकर दरवाजा खुलवाने का प्रयास किया, लेकिन अंदर बैठे व्यक्तियों ने करीब एक घंटे तक दरवाजा नहीं खोला। जबरन दरवाजा खुलवाया गया। मौके से चार आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। प्रभारी निरीक्षक ने बताया कि गिरफ्तार संतोष कुमार यादव ने पूछताछ में आकाश उर्फ अंकित श्रीवास्तव का नाम लिया और कहा कि दोनों ने मिलकर दो अभ्यर्थियों को एसएससी की परीक्षा में चयन कराने के लिए साढ़े पांच लाख रुपये वसूले थे। यह धनराशि एसटीएफ ने बरामद कर ली है।
 
साक्ष्य मिटाने के लिए जलाए एडमिट कार्ड, नष्ट किए मोबाइल
एसटीएफ के प्रभारी निरीक्षक सत्य प्रकाश सिंह ने बताया कि देर शाम जब आरोपियों की गिरफ्तारी हुई तो मकान के किचन से गैस चूल्हे पर जले कागज पड़े थे। पूछताछ में आकाश ने बताया कि सोनीपत के नीरज लाकड़ा व अन्य के प्रवेशपत्र थे, जिसे जला दिया। दरवाजा देर से खोलने के बारे में पूछने पर कहा कि अंकित उर्फ आकाश ने सभी का मोबाइल फारमेट किया व अपना फोन नष्ट कर दिया।
 
घर से ही हल कर देते थे पेपर
एसटीएफ के मुताबिक बरामद सीपीयू व मानीटर आदि के बारे में भी जानकारी जुटाई गई है। पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि सॉल्वर अपने घर में बैठते हैं। एप के माध्यम से स्क्रीन शेयर की जाती है। इसमें परीक्षा सेंटर के संचालक की मिलीभगत रहती है। सॉल्वर घर से ही प्रश्नपत्र हर कर देता था, फिर इसे सबमिट करा दिया जाता था। शाहपुर गोरखपुर के विष्णुपुरम भेड़ियागढ़ के अंकित कुमार श्रीवास्तव उर्फ आकाश श्रीवास्तव, टीटनपार सहजनवां गोरखपुर के संतोष कुमार यादव, पनियरा महराजगंज के सौरहा के विनय कुमार यादव, उन्नाव के कोतवाली क्षेत्र के आदर्शनगर निवासी अभिनाश यादव और हरियाणा सोनीपत के गांव जाहरी निवासी नीरज लाकड़ा।
 
दस लैपटॉप, 33 सीपीयू बरामद
एसएससी, एमटीएस व जीडी के लिए दो अभ्यर्थियों की सेटिंग से वसूले गए 5 लाख 50 हजार रुपये, अलग-अलग कंपनियों के 10 लैपटॉप, 33 सीपीयू, 13 मानीटर, 6 की बोर्ड, 3 लैपटॉप चार्जर, 2 माउस, 9 पावर कनेक्टर, 1 प्रिंटर, 6 मोबाइल, 805 मुहर, 10 आधार कार्ड, 10 विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं के विभिन्न अभ्यर्थियों के प्रवेशपत्र, अलग-अलग व्यक्तियों के मूल शैक्षिक प्रमाणपत्र, अंकपत्र, चेक व अन्य दस्तावेज, साक्ष्य मिटाने के लिए जलाए गए दस्तावेज की राख।  
 
नीली बत्ती लगी गाड़ी से चलता था लेखपाल
एसटीएफ ने नीली बत्ती लगी लग्जरी गाड़ी बरामद की है। यह गाड़ी सफेद रंग की है। गोरखपुर का नंबर है। एसटीएफ के प्रभारी निरीक्षक सत्यप्रकाश के मुताबिक लेखपाल ही नीली बत्ती कार से चलता था। यह गाड़ी किसके नाम से पंजीकृत है, इसकी जानकारी जुटाई जा रही है। एक और कार बरामद की गई है। इस पर लखनऊ का नंबर है।
 
गिरफ्तार करने वाली टीम
भर्ती परीक्षा में धांधली के आरोपियों को प्रभारी निरीक्षक सत्यप्रकाश सिंह, दरोगा आलोक कुमार राय, हेड कांस्टेबल जितेंद्र यादव, कांस्टेबल महेंद्र प्रताप सिंह ने गिरफ्तार किया है।
 
तीन आरोपियों की गिरफ्तारी पहले ही
एसटीएफ ने मंगलवार को ओम ऑनलाइन सेंटर से नित्यानंद गौड, अश्वनी दुबे, रजनीश दीक्षित को गिरफ्तार किया था। आरोप था कि इन्होंने मिलकर पुलिस भर्ती की परीक्षा में साल्वर बैठाया था। इन सबके खिलाफ रामगढ़ताल थाने में मुकदमा दर्ज किया गया है।

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