लखनऊ/ गुरुवार, ०५ अगस्त/ केजीएमयू में कम हो सकती हैं खून की जांच की दरें, कार्यपरिषद की बैठक में आज रखा जाएगा प्रस्ताव

किंग जॉर्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय में होने वाली खून की विभिन्न जांच की दर संजय गांधी आयुर्विज्ञान संस्थान के बराबर की जा सकती हैं। चिकित्सा विश्वविद्यालय की बृहस्पतिवार को होने वाली कार्य परिषद की बैठक में यह प्रस्ताव रखा जाएगा।

बारिश के छाता पर 45% तक छूट प्राप्त करें।


ऐसा होने पर मरीजों पर खर्च का बोझ 10 प्रतिशत तक कम हो सकता है। इसके अलावा कर्मियों को निशुल्क चिकित्सीय सुविधा के तहत नई प्रतिपूर्ति प्रणाली के साथ ही भर्ती मरीजों के लिए कई नई व्यवस्थाओं के प्रस्ताव भी मंजूरी के लिए रखे जाएंगे।
केजीएमयू में इस समय निजी एजेंसी के माध्यम से विभिन्न जांचें की जाती हैं। इनके लिए केजीएमयू द्वारा निर्धारित दरों के हिसाब से मरीजों को भुगतान करना होता है।
जांच करने वाली एजेंसी की ओर से पीजीआई की जांच दरों का हवाला देते हुए इस दर में बदलाव की मांग की गई है। यह प्रस्ताव बृहस्पतिवार को कार्य परिषद के सामने मंजूरी के लिए रखा जाएगा। कार्य परिषद तय करेगी कि जांच दरों में बदलाव होगा या फिर नहीं।
कैशलेस की सभी दवाएं एक ही काउंटर पर
कार्य परिषद में एक महत्वपूर्ण प्रस्ताव के तहत कैशलेस योजना में इलाज कराने वाले मरीजों को सभी दवाएं और सामान एचआरएफ काउंटर से ही मिलने की व्यवस्था लागू होगी। इससे मरीज के तीमारदार को अलग-अलग चक्कर नहीं काटना होगा। कैशलेस योजना के अलावा अन्य रोगियो को मिलने वाली निशुल्क सुविधा और दवाओं की सूची हर विभाग को अलग से उपलब्ध कराने का प्रस्ताव भी कार्य परिषद के सामने रखा जाएगा। इसी तरह विभाग में जीवन रक्षक दवाएं रखने, विभागों में जरूरी इमरजेंसी दवाओं की सूची बनाकर उसकी उपलब्धता सुनिश्चित करने का प्रस्ताव भी कार्य परिषद के सामने रखा जाना है।
50 रुपये में ओपीडी पर्चे के साथ ही फाइल सुरक्षित रखने की योजना
कार्य परिषद में एक अन्य महत्वपूर्ण प्रस्ताव के तहत मरीज के पर्चे के साथ ही उसकी फाइल सुरक्षित रखने की व्यवस्था शुरू होनी हे। यह व्यवस्था वैकल्पिक होगी और इसके एवज में मरीज से 50 रुपये का शुल्क लेने का प्र्रस्ताव है।
सभी संस्थानों को अटल विवि से संबद्ध करने का प्रस्ताव
केजीएमयू की कार्य परिषद में इससे संबद्ध सभी मेडिकल, नर्सिंग और पैरामेडिकल संस्थानों को अटल विवि से संबद्ध करने का प्रस्ताव भी रखा जाएगा। ऐसा होने पर प्रदेश के सभी संस्थानों में एक समान डिग्री मिलेगी। अटल विवि से प्रदेश के सभी मेडिकल, नर्सिंग और पैरामेडिकल संस्थानों को संबद्ध करने का प्रस्ताव पहले ही पास हो चुका है।

लखनऊ की पल पल की ख़बरों के लिए हमारे इस फेसबुक पेज को लाइक करें

facebook.com/upkikhabarlive

सम्बंधित खबरें