जालौन/ मंगलवार, ३० नवंबर/ कानपुर देहात की भोगनीपुर सीट कुर्मी बाहुल, जातिगत समीकरण रखते हैं मायने

कानपुर देहात यूपी का कानपुर कभी इतना बड़ा हुआ करता था कि यहां के लोगों को मुख्यालय आने-जाने में सुबह से शाम हो जाती थी। लोगों की समस्या और मांगों को देखते हुए प्रदेश सरकार ने 23 अप्रैल 1981 में कानपुर जिले को 'कानपुर नगर' और 'कानपुर देहात' दो जिलों में बांद दिया। कानपुर से अलग होने के बाद कानपुर देहात में मुख्यालय बनाया गया। ताकि लोगों की सहूलियतें मिल सकें। कानपुर देहात में चार विधानसभा सीटें हैं। इनमें से भोगनीपुर विधानसभा सीट एक है। वर्तमान में यहां से बीजेपी का विधायक है। कानपुर देहात की भोगनीपुर विधानसभा सीट (Bhognipur Assembly Seat) जालौन लोकसभा सीट में आती है। सिकंदरा विधानसभा सीट का क्षेत्र यमुना नदी के किनारे बसा हुआ है। इस सीट पर युवाओं के पास रोजगार नहीं है। सिकंदरा विधानसभा सीट से बीजेपी के विनोद कटियार विधायक हैं। विनोद कटियार का अक्सर विवादों में रहते हैं। 2017 के विधानसभा चुनाव में बीजेपी के विनोद कटियार ने बीएसपी के धर्मपाल सिंह भदौरिया को हराया था। सिकंदरा विधानसभा सीट कुर्मी बाहुल क्षेत्र है। इस सीट पर सबसे ज्यादा ओबीसी वोटर हैं। एसपी का कांग्रेस ने किया था विरोध 2017 यूपी विधानसभा चुनाव में समाजवादी पार्टी (एसपी) और कांग्रेस में गठबंधन था। इस सीट से समाजवादी पार्टी ने योगेंद्र पाल को टिकट दिया था, लेकिन कांग्रेस की नीतम सचान ने इसका विरोध किया। उन्होंने गठबंधन को नकारते हुए चुनाव मैदान में कूद पड़े। जिसका फायदा बीजेपी को हुआ। भोगनीपुर विधानसभा सीट एक नजर में वर्तमान विधायक- विनोद कटियार पार्टी- बीजेपी जिला- कानपुर देहात

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