अलीगढ़/ गुरुवार, २२ जुलाई/ जख्मी लावारिस पिल्ले की जिंदगी बचाने में जुटी एएमयू की छात्रा

इंसान-इंसान का दर्द महसूस करता है, लेकिन जब कोई इंसान बेजुबान जानवर की तकलीफ के प्रति संवेदनशीलता दिखाता है तो बात बड़ी हो जाती है। कुछ दिन पहले अज्ञात वाहन की चपेट में आकर बुरी तरह जख्मी हुए एक कुत्ते के पिल्ले की जिंदगी बचाने के लिए अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय से ग्रेजुएशन कर रही एक छात्रा निपुण सिंह और उसका परिवार जद्दोजहद कर रहा है।

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पशु चिकित्सक को जब जनकपुरी में रहने वाले पशु प्रेमी परिवार के इस जज्बे का पता लगा तो उन्होंने नि:शुल्क उपचार करने की घोषणा की। निपुण सिंह के पिता आनंद प्रताप सिंह कहते हैं कि डॉक्टर के मुताबिक इस पिल्ले की रीड की हड्डी टूट गई है। इसके बचने की संभावना सिर्फ पांच फीसदी है। इसके बाद भी यह परिवार इसकी तकलीफों को कम करने में लगा हुआ है।
लड़की के यह प्रयास देखकर कॉलोनी में रहने वाले भी इस घटना के प्रति भावुक हो गए हैं। लॉकडाउन के दौरान निपुण सिंह एक सांपा (घोड़ा पछाड़), एक वॉल्फ स्नेक, एक घुमंतू गाय और दो घायल कुतों का सफलतापूर्वक बचाव कर चुकी हैं। पिल्ले को बचाने की चल रही उनकी कोशिश की पूरी कॉलोनी में चर्चा है। निपुण सिंह 2015 में राज्यपाल पुरस्कार और 2016 में स्काउटिंग और गाइडिंग के लिए राष्ट्रपति पुरस्कार भी हासिल कर चुकी हैं। वह अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के माउंटेनियरिंग एंड हाई किंग क्लब की सदस्य भी हैं।
निपुण सिंह ने बताया कि जिस वक्त उन्होंने 2 महीने के इस पिल्ले को सड़क से उठाया था तब उसकी हालत बहुत नाजुक थी। लेकिन अब डॉक्टर के मुताबिक हालत पहले से बेहतर होती जा रही है। आने वाले कुछ हफ्ते निर्णायक साबित होंगे। इस पिल्ले की कमर के नीचे का हिस्सा इस समय पूरी तरह निष्क्रिय है। डॉक्टर के मुताबिक ऐसे मामलों में जीवन बचने की संभावना बहुत कम होती है। राहत की बात यह है कि पिल्ला भोजन ग्रहण कर रहा है और उसकी अन्य जैविक क्रियाएं सामान्य हैं।

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