कानपुर देहात/ मंगलवार, ३० नवंबर/ कानपुर देहात की अकबरपुर रनिया सीट पर है BJP का कब्जा, पर इस बार बीजेपी के लिए आसान नहीं होगा

कानपुर देहात सन् 1981 में कानपुर से कानपुर देहात बनने के बाद इस जिले पर राजनीतिक पार्टियों ने जमकर राजनीति भी की है। बहुजन समाज पार्टी सुप्रीमो मायावती ने कानपुर देहात का नाम बदलकर रमाबाई नगर कर दिया था, लेकिन सत्ता परिवर्तन होने के बाद कानपुर देहात को एक बार फिर से अपनी पहचान मिल गई। समाजवादी पार्टी सरकार ने रमाबाई नगर का नाम बदलकर फिर से कानपुर देहात कर दिया था। कानपुर देहात में 4 विधानसभा सीटें हैं। इनमें से एक अकबरपुर रनिया है। यह कानपुर देहात का मुख्यालय भी है। 2012 के परिसीमन में अकबरपुर रनिया अस्तित्व में आई। इससे पहले सरवन खेड़ा विधानसभा क्षेत्र में यह सीट आती थी। कानपुर देहात की अकबरपुर रनिया विधानसभा सीट (Akbarpur-Raniya Assembly Seat) का आधा हिस्सा कानपुर नगर की सीमा को टच करती है। रनिया आद्यौगिक क्षेत्र भी है, जहां बड़ी संख्या में ग्रामीण परिवेश के युवा नौकरी करते हैं। इस सीट पर बीएसपी से पूर्व सांसद रहे अनिल शुक्ल वारिसी की पत्नी प्रतिभा शुक्ला विधायक हैं। 2017 विधानसभा चुनाव से पहले अनिल शुक्ल वारिसी बीएसपी छोड़कर बीजेपी में शामिल हो गए थे। 2017 के विधानसभा चुनाव में बीजेपी ने अनिल शुक्ल वारिसी की पत्नी प्रतिभा शुक्ला को प्रत्याशी बनाया था। बीजेपी की प्रतिभा शुक्ला ने एसपी के नीरज सिंह को हराया था। जातिगत समीकरणअकबरपुर रनिया विधानसभा सीट पर सबसे ज्यादा दलित मतदाता हैं। दूसरे और तीसरे नंबर पर मुस्लिम व पिछड़े वर्ग के मतदाता हैं। यहां थर्ड जेंडर मतदाता भी हैं। अकबरपुर रनिया विधानसभा सीट एक नजर मेंवर्तमान विधायक- प्रतिभा शुक्ला पार्टी- बीजेपी जिला- कानपुर देहात कुल मतदाता- 3,13,591

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