आगरा/ शुक्रवार, २१ जनवरी/ आगरा मास्टर प्लान-2031: ताजमहल से रामबाग तक बनाया गया ताज धरोहर क्षेत्र, जानिए खास बातें

ताजनगरी में यमुना नदी के दोनों किनारों पर ताजमहल और महताब बाग की ओर से रामबाग तक ताज धरोहर क्षेत्र का प्रस्ताव आगरा मास्टर प्लान-2031 में शामिल किया गया है। इस धरोहर क्षेत्र में चल रहे उद्योगों को औद्योगिक क्षेत्रों में शिफ्ट करने और आवासीय भवनों का एलिवेशन मुगलिया शैली में करने का प्रस्ताव रखा गया है। बृहस्पतिवार को आगरा विकास प्राधिकरण द्वारा आगरा मास्टर प्लान 2031 को सार्वजनिक किया गया। जयपुर हाउस स्थित एडीए कार्यालय पर उपाध्यक्ष डॉ. राजेंद्र पैंसिया ने मास्टर प्लान के मानचित्र का अनावरण किया।

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19 फरवरी तक दिए जा सकते हैं सुझाव और आपत्तियां
आगरा विकास प्राधिकरण ने ज्योग्राफिकल इन्फॉर्मेशन सिस्टम (जीआईएस) बेस मास्टर प्लान 2031 का ड्राफ्ट जारी करने के बाद इस पर आपत्तियां और सुझाव देने के लिए एक माह का समय दिया है। 19 फरवरी तक आगरा विकास प्राधिकरण कार्यालय में सुझाव, आपत्तियां दी जा सकती हैं। इनके निस्तारण के बाद मास्टर प्लान लागू कर दिया जाएगा। शासन से मंजूरी मिलने के बाद विकास प्राधिकरण बोर्ड इसे पहले ही मंजूरी दे चुका है। ड्राफ्ट का अध्ययन करने के लिए मास्टर प्लान एडीए की वेबसाइट पर लोड किया गया है।
ड्रॉफ्ट की कॉपी के लिए भटकते रहे लोग
मास्टर प्लान ड्रॉफ्ट जारी करने के बाद इसे आगरा विकास प्राधिकरण कार्यालय, मंडलायुक्त कार्यालय, डीएम कार्यालय, तहसील सदर, नगर निगम परिसर में रखना था, लेकिन यहां मास्टर प्लान का केवल मानचित्र ही प्रदर्शित किया गया। ड्रॉफ्ट की कॉपी नहीं रखी गई। मानचित्र देखकर लोग इसका ब्योरा नहीं समझ पाए। इनमें न शजरे दिखाए गए, न ही खसरा नंबर आधारित भूमि का वर्गीकरण किया गया। एडीए उपाध्यक्ष डॉ. राजेंद्र पैंसिया ने बताया कि ड्रॉफ्ट छपाई के लिए गया है। दो तीन दिनों में यह रखवा दिया जाएगा। तब तक वेबसाइट और मानचित्र देख सकते हैं।
1007 वर्ग किमी क्षेत्र का किया गया जीआईएस सर्वे
एडीए उपाध्यक्ष डॉ. राजेंद्र पैंसिया ने संयुक्त सचिव सुशीला, मुख्य नगर नियोजक आरके सिंह, नगर नियोजक प्रभात कुमार के साथ नए मास्टर प्लान के मानचित्र का अनावरण किया। उन्होंने बताया कि मास्टर प्लान अमृत योजना के तहत बनाया गया है। 1007 वर्ग किमी क्षेत्र का जीआईएस सर्वे किया गया है। इसमें 163 गांव शामिल किए गए हैं। पर्यटन के लिए भू उपयोग प्रस्तावित किया गया है। इसके अलावा बाजार स्ट्रीट और रिवर फ्रंट डेवलपमेंट प्रस्तावित किया गया है।

आगरा मास्टर प्लान-2031
- शहर को 14 जोन में बांटा गया, पहले सात जोन थे, इस बार नए सात जोन पार्ट बी करके बनाए।
- यमुना नदी के दोनों किनारों को ताज धरोहर क्षेत्र नाम दिया गया, यमुना किनारे को विकसित किया जाएगा।
- ताजमहल के पीछे टावर और ऊंचाई वाले भवनों का निर्माण प्रतिबंधित किया गया।
- पर्यटन उद्योग को बढ़ावा देने के लिए शहर में पर्यटन भू उपयोग भी प्रस्तावित किया।
- शमसाबाद रोड के पास एक जोनल पार्क का प्रस्ताव भी नए मास्टर प्लान में किया गया।
- यमुना नदी के डाउन स्ट्रीम में आगरा बैराज का निर्माण, नौकायन, मनोरंजन के साधन का प्रावधान।
- यमुना नदी के किनारे तटबंध, बैराज के पास नई सड़कों का पर्यटन के नजरिए से निर्माण।
- नालों को टैप कर डाउन स्ट्रीम में बैराज के बाद यमुना नदी में गिराने का प्रस्ताव है।
- 24 मीटर या उससे उससे चौड़े मार्ग पर बाजार स्ट्रीट का प्रस्ताव अनुमन्य किया गया है।
- चौड़ाई वाली जगह यमुना नदी को री-क्लेम कर उद्यान और रिवर फ्रंट डेवलपमेंट प्रस्तावित।
- 32 लाख की आबादी के लिए आवासीय भू उपयोग की व्यवस्था की गई है। 
- टीटीजेड अथॉरिटी केआदेश के तहत केवल गैर प्रदूषणकारी उद्योगों को ही अनुमति।
- किसी भी प्रकार के पोखर, तालाब आदि को संरक्षित करने की योजना का प्रस्ताव।
- एयरफोर्स की सीमा से निषिद्ध क्षेत्र 100 मीटर को नए मास्टर प्लान में शामिल किया गया। मास्टर प्लान में भू उपयोग
भू उपयोग    - क्षेत्रफल
आवासीय       - 15964.58
व्यावसायिक   - 1312.93
औद्योगिक      -  2275.45
सार्वजनिक     - 3871.01
पर्यटन           - 635.65
यातायात परिवहन - 3265.94
पार्क, ग्रीन बेल्ट   - 4611.66
अन्य परिसर        - 1307 
वन क्षेत्र             - 3353

आंकड़े 
1007 वर्ग किमी पर लागू होगा मास्टर प्लान
241 गांवों का किया गया जीआईएस सर्वे
163 गांव मास्टर प्लान दायरे में शामिल
612 वर्ग किमी क्षेत्र के लिए बनी योजना
60935 हेक्टेयर विकास क्षेत्र के लिए जगह
19 फरवरी तक दे पाएंगे आपत्तियां, सुझाव
 

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