प्रयागराज/ गुरुवार, २२ जुलाई/ नैनी सेंट्रल जेल में सजा काट रहे 264 बंदी इग्नू और यूपीआरटीओयू के अध्ययन केंद्र में हैं रजिस्ट्रर्ड

जेल में किसी न किसी अपराध की सजा काट रहे बंदियों ने समाज की मुख्य धारा में लौटने की उम्मीद नहीं छोड़ी है। यही कारण है कि तीन सौ से ज्यादा बंदी विभिन्न संस्थानों से उच्च शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं। इनमें कई बंदियों ने सजा पूरी होने के बाद अपनी पढ़ाई जारी रखी है। इसके लिए जेल प्रशासन भी उनका पूरा सहयोग कर रहा है। 

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सेंट्रल जेल नैनी में कुल 364 बंदी ऐसे हैं जो इग्नू व यूपीआरटीओयू के अध्ययन केंद्र से जुड़े हैं। इन बंदियों को शिक्षित बंदियों व जेल प्रशासन के अधिकारियों द्वारा पढ़ाया जाता है। इनके लिए इग्नू द्वारा 23 व यूपीआरटीओयू द्वारा आठ पाठ्यक्रमों का संचालन किया जा रहा है। 
केंद्रीय कारागार में वर्ष 2009 में इंदिरा गांधी मुक्त विश्व विद्यालय का अध्ययन केंद्र खुला था। इस केंद्र में संचालित पाठ्यक्रमों में अभी तक 1352 बंदी स्नातक की डिग्री हासिल कर चुके हैं। इसमें सजायाफ्ता के साथ ही विचाराधीन बंदी भी शामिल हैं। जेल में मौजूद शिक्षित बंदियों के साथ डिप्टी जेलर भी कक्षाएं भी संचालित करते हैं। हर सेमेस्टर में विवि के विषय विशेषज्ञों द्वारा काउंसलिंग कक्षाएं संचालित की जाती हैं। वर्तमान समय में बंदियों के रुझान को देखते हुए 23 पाठ्यक्रम संचालित किए जा रहे हैं।

वर्ष 2020 में राजर्षि टंडन मुक्त विश्व विद्यालय ने भी अपना अध्ययन केंद्र शुरू कर दिया। इसके आठ पाठ्यक्रम संचालित हैं। वर्तमान समय में विभिन्न पाठ्यक्रमों में इग्नू में 246 बंदी व यूपीआरटीयूओ में 18 बंदी रजिस्ट्रर्ड हैं। इसमें सबसे अधिक भोजन एवं पोषण सीएफएन विषय में 110 रजिस्ट्रर्ड हैं। वरिष्ठ जेल अधीक्षक पीएन पांडेय ने बताया कि अध्ययन केंद्र में संचालित पाठ्यक्रमों में अधिक से अधिक बंदियों को जोड़ने का प्रयास किया जाता है। अध्ययन से जुड़ी सामग्री भी उन्हें उपलब्ध कराई जाती है। यह प्रक्रिया नि:शुल्क होती है। 
पढ़ाई के बाद दूसरों के बने मददगार
हत्या के मामले में सजा काट रहा अनूप जेल में संचालित हो रहे कार्यक्रम में मुख्य रूप से जुड़ा है और उसने जेल के अंदर रहते हुए ही उच्चशिक्षा प्राप्त की है। इस समय अनूप पढ़ाई में बंदियों की मदद कर रहा है। इसके अलावा कई बंदी हैं, जो जेल में अध्ययन करा रहे हैं। 

जेल से बाहर आने के बाद भी मुख्य सेंटर से जुड़ जाते हैं बंदी 
जेल में संचालित अध्ययन केंद्र में रजिस्ट्रर्ड बंदी यदि पाठ्यक्रम पूरा होने से पहले बाहर आ जाता है तो वह मुख्य सेंटर से जुड़कर अपनी पढ़ाई पूरी कर सकता है। डिप्टी जेलर ने बताया कि कई बंदी ऐसे भी हैं जिन्हें एक सेमेस्टर पूरा करते करते ही उन्हें जमानत मिल जाती है। ऐसे बंदी मुख्य सेंटर से जुड़कर अपनी पढ़ाई पूरी कर सकते हैं।

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