कानपुर नगर/ गुरुवार, २५ नवंबर/ धान बिक्री के लिए कानपुर देहात के 2510 किसानों को सत्यापन का इंतजार

कानपुर देहात। धान की सरकारी खरीद के लिए पंजीकरण कराने वाले किसानों के नाम व भूमि का सत्यापन कराने की व्यवस्था है। अधिकारियों की लापरवाही से जिले में सत्यापन प्रक्रिया काफी धीमे चल रही है। इससे छह तहसीलों के 2510 किसानों को धान बेचने के लिए प्रक्रिया पूरी होने का इंतजार करना पड़ रहा है।

दिवाली के कपड़ों पे 70% तक की छूट।


सरकारी क्रय केंद्रों पर धान बेचने के इच्छुक किसानों को पहले खाद्य एवं रसद विभाग के पोर्टल पर पंजीकरण कराना होता है। सौ क्विंटल से कम धान बेचने के लिए पंजीकरण कराने वाले किसानों का सत्यापन तहसील स्तर पर होता है। वहीं सौ क्विंटल से अधिक धान बेचने के लिए पंजीकरण कराने वाले किसानों का सत्यापन तहसील व एडीएम स्तर से होता है।
अधिकारियों की लापरवाही से जिले में किसानों के नाम व भूमि का सत्यापन काफी धीमे चल रहा है। जिले में 100 क्विंटल से अधिक धान बेचने वाले 128 किसानों का सत्यापन एडीएम स्तर पर फंसा है। वहीं तहसील में एसडीएम स्तर पर 776 और तहसीलदार के स्तर पर 544 किसानों का सत्यापन लंबित है।
सौ क्विंटल से कम धान बेचने के लिए पंजीकरण कराने वाले किसानों के नाम एवं भूमि सत्यापन में एसडीएम स्तर पर 636 व तहसीलदार स्तर पर 526 आवेदन लंबित हैं। सत्यापन की सुस्ती के चलते धीरे-धीरे किसानों की संख्या बढ़ती जा रही है।
नाम व भूमि के सत्यापन में थोड़ा वक्त लगता है। लंबित सत्यापनों को लेकर डीएम व अन्य उच्चाधिकारियों को अवगत कराया गया है। जल्द ही इसमें सुधार की उम्मीद है। - राघवेंद्र प्रताप सिंह, जिला खाद्य विपणन अधिकारी
बिचौलियों से सरकारी धान खरीद न हो सके इसके लिए तहसील से रिपोर्ट मांगी जाती है। खसरा व खेत के अनुसार सत्यापन रिपोर्ट लेखपाल देता है। रिपोर्ट अपलोड होने में देरी पर सत्यापन लंबित रहता है। सत्यापन जल्द हो इसके लिए सभी एसडीएम व तहसीलदार को निर्देशित किया गया है। - जेपी गुप्ता, जिला खरीद अधिकारी/एडीएम वित्त एवं राजस्व

कानपुर नगर की पल पल की ख़बरों के लिए हमारे इस फेसबुक पेज को लाइक करें

facebook.com/upkikhabarlive

सम्बंधित खबरें